Mortgage Loan–क्या आप लोन लेना चाहते है। क्या आप को unsecured लोन नहीं मिल रहा है। यदि आपके पास प्रॉपर्टी है और इस प्रॉपर्टी को गिरवी रख कर लोन लेना चाहते है तो आप को लोन मिल जाएगा। जिसे लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी कहते है।
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बैकं आपसे जानना चाहेगा की आप लोन किस लिए लेना चाहते है। लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी , आप बिज़नेस बढ़ाने के लिए,, घर बनाने के लिए , बेटी की शादी के लिए और दूसरे कामो के लिए ले सकते है।
यदि आपके पास प्रॉपर्टी है और प्रॉपर्टी के अगेस्न्ट लोन, प्रॉपर्टी(Mortgage Loan) को गिरवी रखकर लेना चाहते है तो, उसे लोन अगेस्न्ट प्रॉपर्टी कहते है।
सीमित सैलरी और महंगाई वाले दौर में आपको कभी भी पैसों की अचानक जरूरत पड़ सकती है। वहीं दूसरी तरफ पर्सनल लोन की भी एक सीमा होती है कि आप एक खास रकम से ज्यादा का कर्ज नहीं ले सकते। हो सकता है आपकी जरूरत इतनी बड़ी हो कि आप अपनी प्रॉपर्टी ही बेचने की योजना बना रहे हों। हालांकि, बड़ी रकम का कर्ज लेने के लिए आप लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी (LAP) पर विचार कर सकते हैं। जिस प्रॉपर्टी को बेचकर आप अपनी जरूरत पूरी करना चाह रहे थे, उसी को मॉर्गेज/गिरवी रखने से आपका काम हो जाएगा। लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी(Mortgage Loan) के लिए आप रेजीडेंशियल या कमर्शियल प्रॉपर्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए, विस्तार से इसके बारे में जानते हैं।
प्रॉपर्टी की कीमत के आधार पर लोन अमाउंट तैयार होता है। अधिकतर बैंक या अन्य लोन देने वाली कंपनी प्रॉपर्टी की मार्केट वैल्यू के आधार पर 50-75 फीसद के बीच लोन अमाउंट देती हैं। लोन अमाउंट इस बात पर निर्भर करता है कि प्रॉपर्टी किस जगह पर है उसकी हालत कैसी है। इस सब के बाद आवेदक का क्रेडिट स्कोर, आय का स्रोत आदि देखा जाता है।
अब बैंक यह देखता है की आपकी इनकम क्या है। क्या आप सैलरीड आदमी है या बिज़नेस मैन है। यदि आप नौकरी करते है तो आपके सालाना इनकम का चार गुना होम लोन मिल सकता है अगर कोई EMI नहीं चल रहा है तो , यदि कोई एमी चल रहा है बैंक आपकी EMI को छोड़कर जो आपकी एलिजिबिलिटी बनेगी बैंक आपको वो लोन अमाउंट देगा।
यदि आप बिज़नेस मैंन है तो आपकी सालाना इनकम का ७ गुना होम लोन मिल जाएगा अगर कोई EMI नहीं चल रहा है तो , यदि कोई एमी चल रहा है बैंक आपकी EMI को छोड़कर जो आपकी एलिजिबिलिटी बनेगी बैंक आपको वो लोन अमाउंट देगा। देश में सभी बैंक लोन अगेस्न्ट प्रॉपर्टी देते है , सभी बैंको के (Mortgage Loan)लोन देने की प्रक्रिया अलग अलग होती है। सभी बैंक के ब्याज दर अलग अलग होते है सभी बैंक के नियम और शर्ते अलग अलग होते है। अगर हम उन्हें फॉलो करते है तो हमें लोन आसानी से मिल जाता है। लोन(Mortgage Loan) लेने से पहले हमें बैंक नियम और शर्ते जानना जरुरी होता है होम लोन लेने से पहले हमें बैंक द्वारा दिए जाने वाली ब्याज , प्रोसेसिंग फीस , इन्सुरेंस और अतिरिक्त जो डिडक्शन हो जान लेना चाहिए।
| आईडी प्रूफ/जन्म प्रमाण पत्र | पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, सरकारी निकाय द्वारा जारी पहचान पत्र |
| रेजिडेंस एड्रेस प्रूफ | पासपोर्ट, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, सरकारी निकाय द्वारा जारी पहचान पत्र, बिजली बिल, पानी बिल, हाउस टैक्स रिसीप्ट |
| इनकम प्रूफ | 1. नवीनतम 3 वेतन पर्ची 2. फॉर्म 16 /फॉर्म 26 AS आईटीआर 3. पिछले 3 महीने का बैंक स्टेटमेंट उन सभी आवेदकों के वेतन क्रेडिट को दर्शाता है जिनकी वेतन आय पर विचार किया जा रहा है। 4. पिछले 3 महीनों के लिए कोई अन्य बैंक स्टेटमेंट जहां से आपकी EMI जा रही हो। नोट: – वेतन केवल सीधे बैंक क्रेडिट के माध्यम से ही |
| हस्ताक्षर प्रमाण पत्र | 1. पासपोर्ट २. पैन कार्ड 3. बैंक द्वारा सत्यापित हस्ताक्षर प्रमाण |
| आवश्यक दस्तावेज: – | |
| पहचान प्रमाणपहचान पत्र | पैन कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस / पासपोर्ट / मतदाता/ आधार कार्ड |
| पता प्रमाण | पासपोर्ट / ड्राइविंग लाइसेंस / मतदाता पहचान पत्र / आधार कार्ड / उपयोगिता बिल / बैंक विवरण / बैंक खाता पासबुक (अपडेट किया गया और 2 महीने से अधिक पुराना नहीं) ) |
| स्वामित्व प्रमाण | अनुबंध प्रति / बिजली बिल / शेयर प्रमाण पत्र के साथ रखरखाव बिल / नगर कर बिल / शेयर प्रमाण पत्र |
| व्यापार निरंतरता प्रमाण / कार्यालय पता प्रमाण / कंपनी केवाईसी | दुकान स्थापना प्रमाण पत्र / कर पंजीकरण-वैट / सेवा कर / जीएसटी पंजीकरण/कंपनी पैन कार्ड |
| फर्म संविधान (फर्म कॉन्स्टिटूशन ) | एमओए , एओए, पार्टनर शिप डीड, जीएसटी पंजीकरण प्रमाणपत्र, कंपनी पैन कार्ड |
| वित्तीय(फाइनेंसियल ) | 1. नवीनतम दो साल का वित्तीय (बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस , अचल संपत्ति, डेप्रिसिएशन,, सभी अनुसूची 2. नवीनतम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट। |
| बैंकिंग | पिछले छह महीने का बैंक स्टेटमेंट (बिजनेस अकाउंट्स) |
| ऑफिस एड्रेस प्रूफ/ कंपनी केवाईसी | दुकान और स्थापना प्रमाणपत्र/कर पंजीकरण-वैट/सेवा कर/जीएसटी पंजीकरण |
ब्याज दर कंपनी की श्रेणी पर निर्भर करती है जिसमें कर्मचारी काम कर रहा है या जिस कंपनी का मालिक है और प्रॉपर्टी के अनुसार । यह 8.50% से 14 % तक होता है। कार्यकाल 60 माह से 120 माह तक का होगा।
बैंक बिना अनुमति के किराया नहीं ले सकता है।
जी नहीं , वसीयत के रजिस्टर्ड मॉर्गेज की जरुरत होती है।
जी नहीं , अचल संपत्ति पर किसी भी प्रकार के गारंटर की आवश्यकता नहीं है।
जी हां , बिज़नेस के लिये प्रॉपर्टी के अगेंस्ट लोन ले सकते है।
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